ढाका, 30 अगस्त . बांग्लादेश में आगामी आम चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में बढ़ती असहमति के बीच, कट्टरपंथी इस्लामी दल जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) ने चुनाव आयोग (ईसी) द्वारा हाल ही में घोषित चुनावी रोडमैप पर विरोध जताया है.
जमात ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद युनुस पर वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह रोडमैप एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की संभावनाओं को नष्ट करने के लिए तैयार किया गया है.
जमात नेता सैयद अब्दुल्ला मुहम्मद ताहिर ने Friday को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा, “मुख्य सलाहकार ने अपना वादा तोड़ा है और चुनावी रोडमैप की घोषणा की है; यह रोडमैप निष्पक्ष चुनाव को नष्ट करने का ब्लूप्रिंट है.”
उन्होंने यह भी कहा कि जमात को फरवरी में चुनावों से कोई आपत्ति नहीं है और वे 15 फरवरी के चुनाव के लिए विशेष रूप से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए कुछ मुद्दों को हल करना बेहद जरूरी है. इनमें जुलाई चार्टर को कानूनी आधार देना और उसी के आधार पर फरवरी में चुनाव कराना शामिल है. बिना इन मुद्दों को हल किए हुए, चुनाव आयोग द्वारा घोषित रोडमैप को वे एक असफल चुनाव की दिशा में कदम मानते हैं.
इसके अतिरिक्त, एनसीपी के वरिष्ठ संयुक्त संयोजक अरिफुल इस्लाम ने जुलाई चार्टर के कार्यान्वयन की घोषणा से पहले चुनाव रोडमैप की घोषणा को अंतरिम सरकार के आश्वासन का उल्लंघन बताया. उन्होंने कहा, “चुनाव रोडमैप की घोषणा करना जुलाई चार्टर के कार्यान्वयन से पहले वादे का उल्लंघन है.”
गौरतलब है कि पिछले साल हिंसक प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश में शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को हटा दिया गया था, जिसके बाद आगामी चुनावों को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.
चुनाव आयोग ने Thursday को 13वीं संसद चुनाव के लिए 24-बिंदुओं वाला रोडमैप जारी किया, जिसमें फरवरी के महीने में रमजान से पहले चुनाव को समाप्त करने का समय निर्धारित किया गया है.
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डीएससी/
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