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फरीदाबाद : एसडीएम ने समाप्त करवाई सतीश चोपड़ा की भूख हड़ताल

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फरीदाबाद को ‘रेफर मुक्त’ बनाने के लिए 13 दिनों से कर रहे थे भूख हड़ताल

फरीदाबाद, 2 जुलाई (Udaipur Kiran) । फरीदाबाद को ‘रेफर मुक्त’ बनाने की मांग को लेकर पिछले कई महीनों से आंदोलनरत सामाजिक कार्यकर्ता सतीश चोपड़ा ने बुधवार दोपहर अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। बडख़ल के उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) त्रिलोक चंद और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. जयंत आहूजा ने सतीश चोपड़ा को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद एसडीएम ने जूस पिलाकर सतीश की भूख हड़ताल तुड़वाई। एसडीएम त्रिलोक चंद ने आश्वस्त किया कि रेफर मुक्त संघर्ष समिति की सभी प्रमुख मांगों को जल्द ही सरकार के समक्ष रखा जाएगा। जिन मांगों का समाधान जिला स्वास्थ्य विभाग स्तर पर संभव है, उन्हें एक-दो दिनों में ही पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है और जिले के किसी भी मरीज को बिना इलाज के बाहर रेफर न करना ही उनकी प्राथमिकता है। गौरतलब है कि रेफर मुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले धरना बुधवार को 213वें दिन में प्रवेश कर गया। इस आंदोलन का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता सतीश चोपड़ा कर रहे हैं, जिन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर 13 दिन पहले भूख हड़ताल शुरू की थी। बीते कई दिनों से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, जिसके चलते जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सक्रिय हो गए थे। सतीश चोपड़ा के समर्थन में कई सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग भी आगे आए। धरनास्थल पर लगातार लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। इसमें पूर्व रणजी खिलाड़ी संजय भाटिया, ऊंचा गांव स्थित जामा मस्जिद के इमाम मौलाना जमालुद्दीन, समाजसेवी अनीश पाल, रोहतास बेदी, वीरेंद्र तंवर, विजय दहिया, सरदार उपकार सिंह, संजीव कुशवाहा, नवीन कुमार और अधिवक्ता एनपी सिंह पहले दिन से ही आंदोलन से जुड़े हुए हैं। सतीश चोपड़ा ने भूख हड़ताल खत्म करने के बाद कहा कि उनका यह आंदोलन जनहित से जुड़ा है और जब तक फरीदाबाद के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल जातीं, तब तक यह धरना जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि समिति की मुख्य मांगों में जिले में आधुनिक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, सरकारी अस्पतालों में बंद पड़े आईसीयू को चालू कराना और डॉक्टरों एवं अन्य स्टाफ की कमी को पूरा करना शामिल है। सतीश चोपड़ा का कहना है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो समिति फिर से बड़ा आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगी। जनता से अपील है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस आंदोलन से जुड़ें, ताकि फरीदाबाद को वास्तव में रेफर मुक्त बनाया जा सके।

(Udaipur Kiran) / -मनोज तोमर

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